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गांधी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान नीतीश कुमार के वायरल वीडियो से मचा सियासी बवाल, मंच पर दिखे दिलचस्प और भावुक पल

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पटना के गांधी मैदान में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नीतीश कुमार, पीएम मोदी और अन्य नेताओं के बीच कई ऐसे अनौपचारिक दृश्य सामने आए जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गए।

पटना/आलम की खबर:पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एनडीए सरकार के भव्य शपथ ग्रहण समारोह ने जहां एक ओर बिहार की नई राजनीतिक दिशा का संकेत दिया, वहीं दूसरी ओर इस कार्यक्रम में हुए कुछ अनौपचारिक और मानवीय पल सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गए। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई कैबिनेट के विस्तार और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में सबसे अधिक सुर्खियां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े एक वायरल वीडियो ने बटोरी।

गांधी मैदान के मंच पर जैसे ही नीतीश कुमार पहुंचे, वहां का माहौल अचानक चर्चा में आ गया। बताया जा रहा है कि उनके लिए जिस स्थान पर कुर्सी रखी गई थी, उस पर “मुख्यमंत्री” लिखा हुआ नेम प्लेट लगा था। इस दृश्य को देखकर नीतीश कुमार कुछ क्षणों के लिए रुक गए। इसी दौरान मंच पर मौजूद नेताओं के बीच हल्की हलचल देखने को मिली और स्थिति को संभालने की कोशिश की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जेडीयू के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने नीतीश कुमार को इशारे से आगे बढ़ने का संकेत दिया और बताया कि उनका स्थान अलग निर्धारित किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो कैमरों में कैद हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में नीतीश कुमार को कुछ देर तक खड़े रहकर हाथों से इशारे करते हुए बातचीत करते देखा गया, जिससे यह अंदाजा लगाया गया कि वे व्यवस्था को लेकर कुछ प्रश्न उठा रहे थे।

हालांकि कुछ ही समय बाद स्थिति सामान्य हो गई और नीतीश कुमार मंच पर आगे बढ़ गए। उन्होंने वहां मौजूद नेताओं का अभिवादन किया और एक-एक कर सभी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से हाथ मिलाया और उनके कंधे पर हाथ रखकर गर्मजोशी से बातचीत की। मंच पर यह दृश्य पूरी तरह औपचारिकता से हटकर एक सहज और व्यक्तिगत रिश्तों को दर्शाने वाला नजर आया।

इसी समारोह में एक और भावुक पल उस समय देखने को मिला जब नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार मंच पर पहुंचे। उन्होंने अपने पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने बेहद भावुक क्षण के रूप में देखा। यह दृश्य कैमरों में कैद होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे पारिवारिक संबंधों की एक सशक्त झलक बताया।

कार्यक्रम के दौरान शपथ ग्रहण की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल रही थी, जिसमें कई मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाई गई। लेकिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के समय एक दिलचस्प स्थिति उत्पन्न हो गई। मंच पर पांच कुर्सियों और मेज की व्यवस्था की गई थी, जहां मंत्रियों को क्रमवार बैठकर हस्ताक्षर करना था। इसी दौरान निशांत कुमार गलती से एक अलग कुर्सी पर बैठ गए, जिससे कुछ असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

दिलीप जायसवाल ने इस स्थिति को तुरंत संभालते हुए उन्हें बताया कि उस स्थान पर उनका दस्तावेज रखा है और उन्हें सही कुर्सी पर बैठना होगा। इसके बाद व्यवस्था को ठीक किया गया और सभी मंत्रियों ने अपने-अपने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। यह छोटा सा दृश्य भी कैमरों में कैद होकर सोशल मीडिया पर चर्चा का हिस्सा बन गया।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नीतीश कुमार को विशेष रूप से अपने पास बुलाया और हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई, जिसे कैमरों ने कैद कर लिया। एक वीडियो में नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के कंधे पर हाथ रखकर बातचीत करते हुए भी देखा गया, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

पूरे समारोह में जहां एक ओर नई सरकार के गठन का औपचारिक पक्ष प्रमुख रहा, वहीं दूसरी ओर मंच पर हुए ये छोटे-छोटे अनौपचारिक पल जनता के बीच अधिक चर्चा में रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे दृश्य जनता के बीच नेताओं की मानवीय छवि को और अधिक मजबूत करते हैं।

सोशल मीडिया पर यह पूरा घटनाक्रम लगातार ट्रेंड कर रहा है। नीतीश कुमार का वायरल वीडियो, पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात और मंच पर हुए हल्के-फुल्के संवाद लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। कई लोग इसे राजनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा बता रहे हैं, तो कुछ इसे सत्ता और भूमिका के बदलाव के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।

कुल मिलाकर, पटना के गांधी मैदान में हुआ यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसमें कई ऐसे दृश्य सामने आए जिन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और चर्चित घटना बना दिया। आने वाले दिनों में इन वीडियो और घटनाओं पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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